बड़े बदलाव लाने के लिए बड़े कदम नहीं उठाने पड़ते
जबकि..
सच यह है कि जो लोग आज सफल हैं, उन्होंने बस छोटी-छोटी चीज़ों में प्रतिबद्धता दिखाई है।
वह गाँव की लड़की जो आज टेक कंपनी चलाती है? उसने प्रतिदिन कुछ नया सीखने की प्रतिबद्धता निभाई।
वह क्रिकेटर जो गली से स्टेडियम तक पहुंचा? उसने प्रतिदिन अभ्यास करने की प्रतिबद्धता निभाई।
यही है असली बात।
बड़े सपने देखना आसान है। बड़ी बातें करना आसान है।
मुश्किल है प्रतिदिन इन्हीं छोटी-छोटी प्रतिबद्धताओं को निभाना।
और जो साधारण लोग यह कर लेते हैं, वो असाधारण बन जाते हैं।
तो यही मौका है।
आज से शुरुआत करो।
कोई जांचेगा नहीं। कोई तुलना नहीं करेगा।
बस चाहिए, अपनी प्रतिबद्धता।
अपना रास्ता। अपनी रफ़्तार। और अपनी मज़बूती।
क्योंकि प्रतिदिन की गई यही छोटी प्रतिबद्धता, ज़िंदगी का बड़ा बदलाव लाती है।
प्रतिबद्धता के संस्कार :
1. नागरिकता की प्रतिबद्धता
2. सहिष्णुता की प्रतिबद्धता
3. स्वास्थ की प्रतिबद्धता
4. स्वयं में सकारात्मक बदलाव की प्रतिबद्धता
5. रिश्तों की प्रतिबद्धता
6. सामाजिक कौशल की प्रतिबद्धता
7. पढने की आदत की प्रतिबद्धता
तो तैयार रहो,
दैनिक जागरण के साथ
संस्कारशाला
प्रतिबद्धता से व्यक्तित्व निर्माण








